एक दिन हम सब मित्र आपस में बैठकर बाते कर रहे थे तभी उसका फोन आ गया और कुछ बातें हुई और पांडेय जी अविलंब कपड़े पहने और निकल लिए खुफिया तंत्र से पता लगाया गया तो पता चला वह उसी लड़की से मिलने गए थे और कुछ दिया है ।
अपनी तो तुरंत दिमाग दौड़ गई की होना हो जरूर कुछ गड़बड़ी हैं
पांडे से पूछा क्या हुआ भाई सुनने में आया है आज मिलने गए थे कोई विशेष बात है क्या तो उसने बात को टाल नहीं बस ऐसे ही
फिर ऐसे ही कुछ दिन बीत गए फिर पांडे थोड़ा सा अब हटकर हम लोगों से रहने लगा दिनभर उसी के साथ व्यस्त और रहे भी क्यो नही पहला प्यार था
मुश्किल से पंद्रह दिन बीते होंगे फिर पांडे उससे मिलने के लिए गया और यह सूचना प्राप्त होते ही खुफिया तंत्र को संक्रिय कर दिया गया की वास्तविकता क्या है क्योंकि उसे देखकर ही समझ आ जाता है जितना यह शरीफ दिखाती है उतना है नहीं इस बार खुफिया तंत्र ने सूचना आई वह उसे पैसे दे रहा है
उस दिन जब पांडे आया तो मैंने पूछा क्या हुआ मिलने गए थे सुनने में आया है और पैसे किस लिए दिए हो यह सुनते ही वह परेशान हो गया और बहाने बनाने लगा
पांडे नहीं तो मैंने कहा उसे पैसे दिए हैं झूठ में ही मजे मत लो
मैंने भी हंसी में टाल दिया और कहां मै सोच रहा था गए हो तो शायद कुछ भाभी जी को देकर ही आए हो
मैंने आज साफ साफ कह दिया देखो भाई मुझे वह लड़की ठीक नहीं लग रही है और हो ना हो वह तेरा इस्तेमाल कर रही है लेकिन वह नहीं माना
पांडे - अरे भाई तुम बेकार ही चिंता कर रहे हो वह वैसी लड़की नहीं है
मैं - तो ठीक है लगाते हैं शर्त और यदि मैंने यह सिद्ध कर दिया वह गलत है तो तूझे कोई तकलीफ़ नहीं होगी ना
पांडे - जब वह गलत रहेगी तब ना
और उस दिन मुझे ंं अपने शक पर और विश्वास हो गया और मैं मन ही मन नाना प्रकार के युक्तियां सोचने लगा
कुछ दिन बीते सब फिर वह गया और इस बार खरीददारी करने के लिए ले गई थी
ऐसे ही कुछ दिन बीतने पर वह किसी ना किसी माध्यम से पांडे से पैसे ले लिया करती थी
अपने प्रमुख सहपाठीयों का उधार पांडे के नाम पर होने लगा था जबकि पांडे की आमदनी भी अच्छी थी ।
एक दिन ऐसे ही मेडिकल के दुकान पर जाना हुआ तभी वह वहां से जा रही थी मैं उसे बहुत ध्यान से देख रहा था तभी मेडिकल वाले ने बोला किसे देख रहें हैं भईया वह बहुत बडी चालू लड़की है मेरा तो यह सुनते ही होश उड़ गए
मैं- नहीं यार बहुत शरीफ लड़की है तुम ऐसे कैसे कह सकते हो
मेडिकल वाला - भईया मैं खुद भुक्तभोगी हूं इसने मुझे भी बहुत चुना लगाया है
मेरे से तीन हजार रुपए कोचिंग के नाम पर ले गई
आज तक नहीं दिया अभी कुछ दिन पहले हास्टल के लिए छः हजार मांग रही थी मैंने भी मांग लिया तो तुरंत सब प्यार खत्म हो गया
मैं - अरे भाई तुम भी तो खतरनाक ही हो ऐसा कोई करता है क्या
मेडिकल वाला- नहीं भईया मैं तो बस उसे देख रहा था मैंने बस उससे पिछा छूडानें के लिए ऐसा कहां था
मैं आया और पांडे से पूरी बात बताई की उसने मेडिकल वाले के साथ भी ऐसा किया है तुम अब सही सही बताओ तुमसे उसने कितना लिया है
पांडे -कुछ नहीं भाई
मैं - पांडे सही सही बताओ मैं किसी से नहीं बोलूगा
पांडे - 26 हजार रुपए लिए हैं इस समय उसके घर से पैसा नहीं आ रहा है जैसे ही पैसा आएगा वह मुझे दे देंगी
मैं भी समझ गया बड़ उल्लू काट दिया है इसने मैंने कहां उसे फोन करो और कहो की मुझे पैसे की बहुत आवश्यकता है मुझे पैसे दे दो
पहले तो नहीं माना पर ज्यादे जोर देने पर उसने फोन किया और बोला मुझे पैसे की बहुत जरूरत है मुझे कुछ पैसे दे दो तो उसने कल का बोलकर रख दिया
दूसरे दिन उसका मोबाइल आफ आ रहा था फिर तीसरे दिन नम्बर ब्लाक कर दिया था मैंने अपने से किया वह भी ब्लाक कर दी खुफिया तंत्र को संक्रिय किया गया तो पता चला दो दिन से बाहर भी नहीं आई है
पांडे भी समझ गया था उसके साथ छल हुआ है
और वह मुझे बार बार बार धन्यवाद करने लगा भाई तुमने बचा दिया नहीं यह मुझे पता नहीं कितना और लूटती
समय बीतता गया अब पैसे निकालने की चिंता थी एक दिन परन्तु जो चला गया वह वापस नहीं आ सकता है।
मेरी यह कहानी उन युवाओं के लिए है जो प्रेम के नाम पर हमेशा छले जाते हैं आपको हमेशा सावधान रहना चाहिए क्योंकि जो आपसे वास्तविक प्रेम करता है वह आपके धन से नहीं आपसे प्रेम करता है।
इसलिए सावधान रहें सतर्क रहें

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