पथ के राही तू पथ को मत भूल
मिले जो शूल, मिले जो धूल,
न कर परवाह, न कर तू भूल,
पथ के राही तू पथ को मत भूल
मिलेंगे कष्ट, हैं परम जो सत्य,
लगा कर गले, हृदय रख शूल,
निकल जा दूर, निकल जा दूर,
पथ के राही तू पथ को मत भूल
हो जीवन त्रस्त, पर न हो भ्रस्ट,
राह है कठिन, चलाचल अडिग,
मिलेंगे फूल, मिलेंगे फूल,
पथ के राही तू पथ को मत भूल
न पथ को छोड़, न पथ को मोड़,
चला जा निर्भय, निशंक अबोध,
वहाँ है राह, यहां है धूल,
पथ के राही तू पथ को मत भूल
यहां है लोभ, यहां है द्वेष,
भटक न राह, कर्म मत छोड़,
चला जा दूर, चला जा दूर,
पथ के राही तू पथ को मत भूल
न पड़ माया में, न कर तू मोह,
जगत है आश्वासनों की जेल,
न पड़ कर फेर में, पथ को भूल,
पथ के राही तू पथ को मत भूल
सौम्या पांडे "पूर्ति"

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