पन्नों पर लिखे हैं अहसास अपने
जो बयां न कर सके कभी 
किसी के समक्ष जज्बात अपने
बचपन से है साथ मेरे
सच्ची साथी बनकर

पन्नो पर लिखें अहसास अपनी
हर.दुख हर.दर्द मे साथ मेरे रहती
आसुँ गिरते टप टप पन्नों.पर
  उफ्फ न करते ये पन्ने

पन्नों पर लिखें अहसास अपने
कुछ एहसास होते हैं खास
जो कभी उन्हें देखकर मुझे हुआ
उनकी प्यारी-प्यारी बातें
मेरे दिल के तह तक को छुआ

पन्नों पर लिखे एहसास अपने
घुट घुट कर जीना
राजी नहीं हुआ दिल 
कोरे पन्ने पर मैंने अपने
अहसास उतारे 
धीरे-धीरे वक्त बीतता गया
लिखने की चाहत दिन
प्रतिदिन बढ़ती गई इस 
तरह मैंने लिख डाली
अहसास से भरी कविताएं कई

पन्नों पर लिखे अहसास अपने
यही मेरी सच्ची  साथी निकली
  कोरे पन्ने से ही हर बार
मेरे दिल की हर बात हुई
मेरे तो सारे राज बंद 
है इन पन्नों में
लोगों के लिए है मात्र कोरे पन्ने
मेरे लिए ये पन्ने नहीं 
मेरी जिंदगी के खास अहसास है




            शिल्पा मोदी✍️✍️