कौन कहता है कि तुम साथ नही हो मेरे
वो देखो हर जगह बस तुम ही नजर आते हो
कौन कहता है कि तुम पास नही हो मेरे
वो देखो मन के हर कोने मे तुम ही तो नजर आते हो

सुबह उठती हूँ तो देखती हूँ कि मेरे पिता बन जाते हो तुम
जब जल्दी नही उठती तो खूब डाँट लगाते हो तुम
कितना ख्याल रखते हो मेरा मैं कैसे बताऊँ किसी को
जब तबियत ना ठीक लगे तो दवा भी खिलाते हो तुम

मेरे हर कदम पे एक कदम तुम भी तो उठाते हो अपना
तुम हो जीवन की हकीकत,ना हो कोई मेरा सपना
कितने मेरे करीब हो मैं कैसे बताऊँ किसी को
जब दरवाजे सारे बन्द लगे तो चाबी लेकर तुम ही तो आते हो

जब कभी भी,कहीं भी मेरा दिल कोई दुखाता है
सच बताऊँ मुझे भी तब रोना बहुत आ जाता है
तब चुपके से मेरे करीब आकर मेरे आँसुओं को पोंछते हो
मेरे जीवन मे एक नई उम्मीद जगाकर जाते हो

सोचती हूँ जब चोट लगती है तो दर्द क्यों नही होता है
क्या इतने दर्द में भी कोई कहीं चैन से सोता है
क्या जो हिम्मत मुझमे आती है वो  तुम्ही देकर जाते हो
जब इतना करते हो मुझसे प्यार तो सामने क्यों नही आते हो

मेरी हर साँस के साथ नाम तुम्हारा ही तो जुड़ा है
जब ना हो कोई पास मेरे,तो साथ मेरे वो खड़ा है
सब कहते है कैसे रहती हो तुम चहकती हुई
कैसे कहूँ मैं सबको कि मैं हूँ महादेव की लाडली


कोमल भलेश्वर
यमुना नगर, हरियाणा