आखिरी दिन जीवन का
साथ तुम्हारे रहना चाहूँ
कर लूँ वो बातें सारी
जो तुमसे कहना चाहूँ।

जी लूँ जी भरकर वो पल
जो लौट कर फिर न आने वाला
जीवन का वो  आखिरी दिन 
जीवन फिर नहीं मिलने वाला।

आखिरी दिन जीवन के
सारी खुशियाँ जी जाऊँ
मिले जो भी गम जीवन से
उनको, दिल से बाहर कर पाऊँ।

रही शिकायत जो भी तुमसे
वो तुमसे कह पाऊँ
रखकर सिर तेरे कंधे पर
उस पल को सफल बना जाऊँ।


बन्द होती मेरी आँखों में
सिर्फ तुम्हारी ही छवि हो
चेहरे पर हो चमक अनोखी
तेरे प्रेम की ही झलक हो।


एक आरजू है मन में  मेरी
आखिरी पल तक तेरा साथ रहे
बन्द करूँ  जब आंखों को
हाथों में  मेरे ,तेरा हाथ रहे।।

##आशा झा सखी##