हमारे ललन को 
सुला जा री निदिया 
बुलाती है ममता 
तू आ जा री निदिया ,,

सुहाने स्वप्न साथ 
मे ले के आना 
परियो के घर मे 
इस को घुमाना 
कि हौले से इसको 
हँसा जा री निदियाँ 

बुलाती है ममता 
तू आ जा री निदियाँ ।

तसब्बुर की दुनियाँ मे 
इसको ले जाना 
नयी सी परी को 
तुम सहेली बनाना 
कि हौले से इसको 
हँसा जा री निदियाँ ।

बुलाती है ममता 
तू आ जा री निदियाँ ।

अगर बोलना है 
तो इशारों से बोलो 
कोई राज मन का 
अभी तुम ना खोलो 
हुआ शोर कम अब 
चली आ री निदियाँ 

बुलाती है ममता 
तू आ जा री निदियाँ
हमारे ललन को 
सुला जा री निदियाँ ।




         मीनाक्षी शर्मा