सर्द हवाएं चल रही है
कोई  तो राज है कहीं
कोई  तूफ़ान  तो नहीं
या  कोई  नई कहानी
का आगाज़ है

ये हवाएं कभी  इतनी
भयानक  तो  ना  थी..
आज   ये   हवा    संग 
बादलों   का  ये  कैसा 
भयानक साज  है,

कोई  तूफ़ान  तो  नहीं
या  कोई  नई  कहानी
का आगाज़ है।

या  अल्लाह रहम  कर,
निजात दिला इस साज
से, बचना उन मुसाफिरों
को भड़की जिनमें इश्क़
की आग है,

ये  हवाएं  इतनी सर्द  तो 
ना थी...  लगता है  इश्क़
की आंधी का नया पैग़ाम
है।

✍️✍️  तृषा वर्मा  ✍️✍️