🌹ॐ🌹

जानबूझकर अनजाने में किसी का दिल गर दुखता है,
हर कदम पर अगर अपनों को आजमाना पड़ता है, 

आजमाइश करने वाले रिश्ते कठोर होते हैं ,
दिल तोड़ने वाले रिश्ते कच्ची डोर के होते हैं,

कच्ची डोर के रिश्तो को अपनाना सच्चा नहीं, 
कहते हैं वह ऊपर वाला हम सबको आजमाता है,

वो परीक्षा लेता है पर सब का साथ निभाता है,
सच्चे सरल लोगों का वह हमजोली बन जाता है,

लेकिन इस इंसान को देखो खुद को भगवान समझ---
रहा है, हर शक्तिशाली व्यक्ति खुदा की कॉपी कर रहाहै,

अपने से कमजोर समझ कर आजमाइश कर रहा है,
सीधे साधे लोगों का दिल को छलनी कर रहा है,

अनजाने में की भूलों को वो सजा में बदल रहा है,
और ना जाने खुद को वो अब महान समझ रहा है, 

पीड़ा की अनुभूति कितनी कठोर होती है ,
आजमाइश करने वालों की कच्ची डोर होती है ,

कहते हैं वो अंतर्यामी हर व्यक्ति का मन पढ़ता है, जानबूझकर अनजाने में अगर किसी का दिल दुखता है ,

सच्चे लोगों के सर पर हाथ सदा उसका रहता है ,
दिल जिसका शीशे का हो साथ सदा उसका रहता है,

सहनशीलता क्षमा का भाव हर व्यक्ति के अंदर है,
लेकिन इन भावों का अर्पण कोई कोई ही करता है,

जानबूझकर अनजाने में किसी का दिल गर दुखता है, 
हर कदम पर अगर अपनों को आजमाना पड़ता है, 

आजमाइश करने वाले रिश्ते कठोर होते हैं,
दिल तोड़ने वाले रिश्ते कच्ची डोर के होते हैं,

       संगीता वर्मा✍✍