तुमसे यह बात कहनी है.....
अपने अहं को त्याग उसे उस आकार में रखना...
नजरों में, दिल में, घर की दहलीज के अंदर और बाहर भी सम्मान पर रखना।।
घर की दहलीज के अंदर खाना बनाने के नाम पर मत रखना ।।
अपने कपड़े धोने और घर पर झाड़ू लगाने के नाम पर मत रखना ।।
सरेआम और दोस्तों के मध्य उसका मजाक बनाने के नाम पर मत रखना।।
संग कदम से कदम मिलाकर चलती है वहा तो गर्व से चलना।।
ना उसे अपने ऊपर बोझ समझ कर चलना ।।
चाहे हो मां ,बहन, बेटी, पत्नी या हो या कोई और..
नजरों में, दिल में, घर की दहलीज के अंदर और बाहर भी.....
.... तुम स्त्री को सम्मान पर रखना।।
शैलजा ❣️

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