🌹🌿🌹🌿🌹🌿🌹🌿 ॐ 🌹🌿🌹🌿🌹🌿🌹
तमन्ना है संसार में  कुछ काम कर जाऊं,
तमन्ना है कलम से कुछ ऐसा लिख जाऊं,
अपनी ही लिखावट के शब्दों में सिमट जाऊं,
लिखूं हर लफ़्ज़ मैं ऐसे कि वो साज बन जाए,
पढ़े जो भी लफ्जो को मन में सितार बज जाए, 
बड़ा उपकार है  उसका,मैं सब कुछ मन से  लिखती हूं, कुछ भी तो नहीं हूं मैं, तेरी रहमत से लिखती हूं,
जो भी लिखती हूं, सच्चे जज्बात लिखती हूं,
काश मेरी कलम में, ऐसा जादू हो जाए, 
माँ सरस्वती का इसमें वास हो जाए, 
जो भी लिखूं,वो पूरे जज्बात हो जाए,
इस  कलम से संसार का शुभ कल्याण लिख जाऊं,
इस  कलम से नारी का शुभ सम्मान लिख जाऊं,
इस शुभ कलम से पापी का संहार लिख जाऊं,
मैं लिख जाऊं कलम से इस संसार का ब्यौरा,
सारी समस्याओं  का समाधान लिख जाऊं,
तमन्ना है कि संसार में, कुछ काम कर जाऊं,
तमन्ना है कलम से मैं कुछ ऐसा लिख जाऊं,



                         संगीता वर्मा✍✍