मुझे देखकर वो मुस्कुराने लगे है धीरे धीरे
कसम खुदा की जान सी वो लेने लगे धीरे धीरे
आफताब से मेहताब बनने लगे है वो धीरे धीरे
इस दिल मे बनके मेहमान वो रहने लगे है धीरे धीरे
सुकून के दो पल साथ वो जीने लगे है धीरे धीरे
बन के मेरे सरताज सजाने लगे है वो धीरे धीरे
मेरे होठों पर गीत बनके गुनगुनाने लगे है वो धीरे धीरे
मेरे गमो को खुशियों मे बदलने लगे है वो धीरे धीरे
आलिया खान ✍️✍️

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