हे शारदे माँ --- हे शारदे माँ ....
तेरा बालक हूँ नादाँ, संभालो मुझे माँ
सुन्दर,सुवासित विमल मन दे माँ ,
संयम ,शील ह्रदय में भर दे माँ ..
सबकी बुद्धि विमल कर दे माँ ..
हे शारदे मान-----
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तूँ स्वर की देवी ,है संगीत तुझसे ...
शब्दों की महिमा,है हर गीत तुझसे ...
अज्ञानी है माँ अनजान हैं हम ..
ह्रदय में अपना अमिट प्यार दे माँ ..
हे शारदे माँ--- हे शारदे माँ !!
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हे श्वेत वस्त्रा कमल दल पे साजे
हे वाग वादिनी,कर वीणा विराजे ..
तम को मिटा ज्ञान की रौशनी दो
उजालों का सुन्दर सा संसार दे माँ ..
हे शारदे माँ ---हे शारदे माँ !!
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चलें जिस सफ़र में सफ़लता ही देना ..
ना ठोकर लगे पॉँव में अब कभी माँ ...
रहे हाँथ कृपा का हरपल तुम्हारा ...
सफ़लता का ऐसा तूँ उपहार देना ...
हे शारदे माँ ---हे शारदे माँ !!
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वरद हस्त सब पर हमेशा माँ रखना
कि चलती रहूँ निधड़क हो सफ़र में
कभी जो फंसे नैया मेरी भँवर में ...
उतर पार जाऊं वो पतवार देना
बिख़र जाऊं गरतो मुझे तार देना!
हे शारदे माँ ---हे शारदे माँ !!
# मणि बेन द्विवेदी
वाराणसी उत्तर प्रदेश
🙏🌹

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