रंग-बिरंगे संसार को देखो
इनका भी है यहीं तरंग
रंग-रंगोली फूल को देखो
कैसा अद्भुत कैसा दंग
रंग-बिरंगे संसार.......
मेहनत करनी जिसने भी छोड़ी
माना यह है स्वार्थी का रंग
बिजली तरकी,आँखों ने देखा
यह भी है जादू का रंग
रंग-बिरंगे संसार.......
जहाँ सुंदर सी नदियाँ बहतीं
चाल बदलना है पानी का रंग
खेतों में हरियाली का संग
फसल जगत का यहीं उमंग
रंग-बिरंगे संसार.......
बिख़रा हुआ परिवार सभी का
प्राकृति का भी यहीं है रंग
मेहनत करनी जिसने भी सिखीं
खुशियों का है यह अद्भुत रंग
रंग-बिरंगे संसार.......
लेखक:-विकास कुमार लाभ
मधुबनी(बिहार)

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