शादी कर मां-बाप छोड़
 आई तेरे साथ 
 नए रिश्ते जोड़ 
 पुराने नाते भूल 
 प्रेम की डोर में बंध 
 नई सपने सजा
  चलो आए इश्क करें
   तू मुझे प्यार दे
   मैं तुझे पूर्ण समर्पण दूं
   एक दूजे में खो जाए 
    सब कुछ भूल जाए
    चल प्यार की बारिश से 
    ओतप्रोत कर दे तन मन 
    जम न पाए इन रिश्तो पर 
    कभी बारिश की बर्फ। 
    
                 दिल की कलम से

                   मधु अरोड़ा