बड़ी बहिन
हमारी बड़ी प्यारी
माँ के जैसा फर्ज अपना
बड़ी बहिन निभातीं
हर मुश्किल में साथ निभातीं
सुर संध्या बन जीवन में
संगीत फैलातीं
प्रेम प्यार की मूरत स्नेह सी सीरत
बहिना हमारी बड़ी प्यारी
कभी प्यार से हमें गले लगाती
कभी गलती पर हमें झिड़क देतीं,
ऊषा की किरण बन बहिना
प्रकाश फैलाती जीवन में
दुनियादारी की सीख देतीं
पाठ हमें पढ़ाती
संघर्षमय जीवन के कठिन सफ़र में
बहिनें हम तीन साथ निभातीं
ज्ञान का अक्षय भंडार हैं वो
अनन्त असीम प्रकाश का खजाना
रजनी सम अंधियारी
जीवन की राह हमें दिखातीं
वरद हस्त माँ बाप का है हम पर
सदा बना रहे आशीष हम पर ।
काव्य रचना -रजनी कटारे
जबलपुर (म. प्र.)

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