जिंदगी से मौत तक का सफर है यात्रा,
उस सफर मे लोग ,रिश्ते, नए विचार,व्यवहार मिलते है,
जो सबक देते है जीने का
कुछ गम को पीने का
कुछ खिली सुबह
कुछ सुंदर सी शाम,
ये है यात्रा, जब हम कुछ नया कर दिखाते हैं, कुछ नव अंकुरण कर सजीव पुष्प खिलाते है,
इसमे हँसना भी है, रोना भी है, सब कुछ खोकर पाना भी है,
इस यात्रा मे समय के साथ कुछ परिवर्तन भी होते है, जो हमे नवीन ऊर्जा से ओतप्रोत भी करते है,
कुछ सुख ,कुछ दुख,कुछ यादगार स्वर्णिम पलो को अपनी झोली में समेटे आगे और आगे बढ़ते ही जाते है,
फिर जब वह अंतिम पड़ाव आता है मानव के जीवन मे ,एक खुशनुमा सी मीठी सुनहरी प्यारी याद छोड़ जाते है,,,,।
डॉ सुरभि जैंन "श्रुति"
सतना,मध्यप्रदेश

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