यहाँ सब कुछ बिकता है,
दोस्तों रहना जरा संभल के....
बेचने वाले हवा भी बेच देते
हैं गुब्बारों में भर के....
सच बिकता है, झूठ बिकता है
बिकती है हर कहानी....
तीन लोकों में फैला है
फिर भी बिकता है पानी
कभी फूलों की तरह से मत
जीना....
जिस दिन खिलोगे टूट जाओगे
जीना है तो पत्थर की तरह से
जीओ....
जिस दिन तराशे जाओगे तो
खुदा बन जाओगे....
🌱मनु ✍🏻

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