बिल्ली का सड़क पार करना 
लोगो को भयभीत हो जाना
छोटी सी जानवर से डर जाना 
क्या उचित है
वह तो म्याऊँ म्याऊँ करते हुए
संदेशा देते हुए आती है
अकस्मात्.हुए दुर्घटना से
बिल्ली के सिरमाथे दोषरोपण करी जाती है
अपशकुन अंँधविश्वास मे मन घिर जाता है
होनी माता अपना बल चलाती है
दोष बिल्ली पर लग जाता है
अगर बिल्ली का रास्ता काटना अपशकुन है
तो फिर बिल्ली का दिवाली की रात 
को आना शुभ क्यों माना जाता है
क्यों भर कटोरा दूध 
उसके पीने का इंतजार किया जाते है
सच तो यह है
इंँसान अपनी सुविधानुसार नियम कानून बनाता है
अपने फायदे नुकसान के अनुकूल 
शगुन अपशकुन बताता है

शिल्पा मोदी.✍️