नारी अब कमजोर नहीं
औरत हूं मैं
मुझे अबला मत समझना
मौन हूं मै
मुझे कमजोर मत समझना
आईने सी साफ हूं
मुझे तोड़ने की कोशिश मत करना
हस कर बोलना आदत है मेरी
इसको मेरे चरित्र का प्रमाण
मत समझना। जिस दिन मैने कुछ बोल दिया
उस दिन तुम चुप हो जाओगे
बिना वजह मुझ पर कटाक्ष 
न करना 
अपनी बातों से मेरा दिल
दुखाने की कोशिश न करना
औरत हूं मैं
मेरे वजूद से खेलने की
कोशिश मत करना।
            हरप्रीत कौर