सुख दुख है एक दूसरे के विपरीत
सुख में है उजाला
दुख में है अंधेरा
जब अंधेरा जाता है
तब उजाला आता है
अंधेरा ही उजाले का मतलब समझाता है।
दुख में सुख बहुत याद आता है
दुख में ही होती मित्रों की पहचान
सुख में सब हर्षित लगे
दुख में लगे बदरंग
सुख में फूल है अगर
कांटे भी है संग।
सुख जाता है
तो दुख दे जाता है
दुख जाता है तो सुख दे जाता है।
जैसे पतझड़ के बाद बसंत आता है
तपती गर्मी के बाद बारिश की बौछार आती है।
ऐसे ही सुख दुख आते जाते रहते है
और एक दूसरे का महत्व बताते है।


हरप्रीत कौर