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जिंदगी की तपिश से घबराना नहीं
जल्दी ही शीतलता भी आएगी
ये तो भगवान की परिक्षा का समय है
रात अकेले नहीं आती सवेरा साथ लाती है
आज अगर दुख है तो सुख भी दूर नहीं
कोयले की खान से ही हीरा बाहर आता है
कीचड़ में ही रहकर कमल सुंदर बनता है
आग में तपकर ही सोना निखरता है
फिर क्यूँ जरा सी आँधी से परेशान होते हो
तूफ़ान के बाद ही तो बारिश सुकून देती है
जब से भी भगवान का धन्यवाद कर दिया
नीचे की ओर देख कर चल पड़े
तभी से देखना जिंदगी के रंग भर जाएंगे
भगवान और खुशहाली आंचल पकड़ेगी
ऊचाईयां कभी नीचे गिरने नहीं देगी i
बस शर्त है कि बिना शर्तो के जिंदगी जियो
कभी दुख दुख नहीं लगेगा
सुख में होश नहीं खोएगा
अंजू

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