जी हां आज रात 8:30 बजे हम सब अपनी बत्तियां बुझा दे और मनाए अर्थ आवर
8:30 से 9:30 बजे तक पूरा एक घंटा कोई भी किसी भी तरह से लाइट का प्रयोग नहीं करेगा, यहां तक कि आप के फोन, एसी, फ्रिज सभी स्विच ऑफ।
आप चाहें तो मोमबत्ती जलाकर एक घंटा कैंडल लाइट डिनर का मजा ले सकते हैं।
बात 2007 की है जब मैंने पहली बार अखबार में पढ़ा था और सिडनी में इसकी शुरुआत की गई थी।
उस वक्त मैंने 'अर्थ आवर 'मनाया था अकेले। पूरा 1 घंटे तक सारे लाइट बंद करके अपने घर की छत पर घूमती रही थी।
अगले साल 2008 में करीब 35 देशों ने हिस्सा लिया और धीरे-धीरे देखते देखते पूरी दुनिया अर्थ आवर को मनाती है।
अब आपके मन में यह सवाल भी उठता होगा कि एक घंटा लाइट बचाने से होता क्या है
जब बहुत बड़े स्केल पर एक साथ बिजली बचाई जाती है तो उसका बहुत प्रभाव पड़ता।
थोड़ी जानकारी अर्थ आवर के बारे में आपको दे दूं तो आज शाम को तैयार रहनाः
Earth Hour: आमतौर पर ‘अर्थ आवर’ हर साल मार्च के आखिरी शनिवार को मनाया जाता है। कई लोग मोमबत्ती जलाकर इसे मनाते हैं। कुछ दिनों से ‘अर्थ आवर’ की चर्चा चल रही है जिसके कारण हर किसी के मन में यह उत्सुकता हो सकती है कि यह क्या है और किस कारण इसे आयोजित किया जाता है? यह विश्व वन्यजीव कोष (डब्ल्यू.डबल्यू.एफ.) द्वारा शुरू किया गया एक अभियान है, जिसका उद्देश्य लोगों को बिजली के महत्व के बारे में और पर्यावरण सुरक्षा के बारे में जागरूक करना है।
2007 में हुई इसकी शुरूआत
‘अर्थ आवर’ की शुरुआत वर्ष 2007 में ऑस्ट्रेलिया के सिडनी शहर से हुई थी और धीरे-धीरे यह दुनिया भर में लोकप्रिय हो गया। अब इसमें दुनिया भर के लगभग सभी देश शामिल हो गए हैं।
मार्च के आखिरी शनिवार को मनाया जाता है
क्यों पड़ी इसकी जरूरत सवाल है कि हमें क्यों इसका हिस्सा बनना चाहिए। इस अभियान में एक घंटे के लिए बिजली बचा लेने से कोई बड़ा बदलाव तो नहीं हो जाएगा लेकिन एक दिन की गई कोशिश और लोगों की एकजुटता से यह संदेश देने की कोशिश की जाती है कि बिजली बचाएं और पर्यावरण में तेजी से हो रहे बदलाव के प्रति लोगों को जागरूक करें।
हैप्पी अर्थ आवर टुडे
8:30to9:30pm
सभी बिजली के उपकरण कृपया 1 घंटे के लिए बंद कर दें आप सभी का धन्यवाद
वंदना शर्मा

0 टिप्पणियाँ