माँ💐💐💐💐
क्या लिखूं मां तेरे लिए.... लिखना- पढ़ना तूने ही तो सिखाया है।।।❣️
क्या बोलूं माँ तेरे लिये.....बोलना भी तो तुझसे ही आया है।।।❣️
शब्द कहाँ से लाऊं मैं तेरे गुणगान को ....जन्म तुझसे ही तो पाया है।।❣️
नही हुई हूँ अभी इतनी बड़ी की तेरी तारिफ़ में कशीदे पढ़ सकूं।।❣️
छोटी सी हूँ मोना तेरी भर ले अंक में मुझे अपने।।।❣️
डर लगता है अब तो ज़माने से बहुत रखती हूं हर कदम फूंक-2 के।।❣️
तू ही दुनिया में है सबसे प्यारी जो न होती कभी नाराज़ न कोसती कभी।।❣️
ले लेती है लाख बालाएं हर ख़ता को करती माफ़।।❣️
माँ ईश्वर की अनुपम कृति है न छूटे कभी किसी से उसका साथ ।।।❣️
जितना भी लिखूं कम ही होगा *माँ तू मेरी और मैं तेरी हूँ बस इतना ही कहना काफ़ी होगा*......इतना ही कहना काफी होगा!!!!!💐💐💐
एकता श्रीवास्तव✍️
*आप सभी को मातृदिवस की हार्दिक शुभकामनाएं ।।सभी स्वस्थ रहें,ख़ुश मस्त रहें*।
🍫🍫💃🏻💃🏻❤️❤️🙏🏻🙏🏻🙏🏻

0 टिप्पणियाँ