आज दुनिया की नजरों से
असली - नकली की पहचान हों रही है
जों जितना झुके और टूट कर बिखर जाएं
ऐसा सोना ही खरे सोने की पहचान बताएं
दुनिया की निगाहों का सितम तों देखो
जों जितना झुके और टूटें वही नकली की पहचान है
जों जितनी मिलावट के साथ ऊपर उठें
वही दुनिया की नजरों में असली की पहचान है
हम झुककर और सच्चे होकर भी
हरदम नकली की पहचान बने रहे
जों हरदम अपने गुरूर और अकड़ में रहा
दुनिया की नजरों में वह असली की पहचान बन गया
नहीं बनना हमें दुनिया की
नजरों में असली-नकली की पहचान
हमें तों बस बनना है
अपनी ही नज़रों में एक असली इंसान ।।
धन्यवाद 🙏🏻🙏🏻
" गुॅंजन कमल " 💓💞💗

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