अमेरिका
मारिया और डेनियल दोनों पुरातत्वविद थे।
दोनो एक दूसरे को बहुत चाहते थे,और विवाह सूत्र में बंधने वाले थे ,लेकिन एक मिशन के ऊपर उनका भविष्य टिका था,उस मिशन को पूरा कर के ही वो अपना घर बसाना चाहते थे।
मारिया के नाना भी बहुत बड़े पुरातत्ववेता थे।
पिछले महीने उनकी मृत्यु हुई थीं,मारिया को वे अपने मृत्यु से पहले एक किताब दे कर गए थे। जिसके बारे में उन्होंने बताया था कि वो जब मिस्र में एक फराओ के पिरामिड में गए थे,तो ये किताब मिली थी।
मिस्र प्राचीन सभ्यता,पिरामिड और ममी के लिए विश्व प्रसिद्ध।
शासक अपनी मृत्यु से पहले ही अपनी ममी बनवाने की तैयारी कर लेते थे।
उनका मृत्यु के बाद के जीवन,अर्थात पुनर्जन्म पर विशेष विश्वास था।वो अपने साथ अपनी दैनिक वस्तुएं ,खजाना,पालतू जानवर,नौकर चाकर ,सैनिक ,सभी की ममी बनवा लेते थे,और जो भी चीजें उनकी दैनिक आवश्यकता की होती ,सब ताबूत में रखवा देते।
नाना ने बताया था , कि पिरामिडों में अथाह धन , संपत्ति है जिसके कारण ,हमेशा से पिरामिड चोरों के निशाने पर रहा।
एक बार एक ममी शायद वो तूतनखामेन की थी,हमारी खुदाई चल रही थी । 3000 साल से दफन वो ममी बहुत अच्छे हालात में थी।उसी ताबूत के किनारे में एक किताब भी थी,वो मेरे हाथ लग गई।
लेकिन अचानक वहां बहुत कुछ घटने लगा,जिससे हमें वहां से खुदाई ज्यों कि त्यों छोड़ कर निकलना पड़ा।
किताब तो मैं ले तो आया ,लेकिन वह खुली नहीं,शायद उसकी कोई चाभी थी।
मुझे नहीं पता ये कैसी किताब है ,इसमें क्या लिखा है ,अच्छी भी है ,या बुरी ,यह मैं तुम्हें सौपता हूं,लेकिन एक बात तुम ध्यान रखना अगर कभी इस किताब के बारे में जानने के लिए उस पिरामिड में जाना तो एक काली बिल्ली जरूर ले जाना ।
वो क्यों नानाजी _मारिया ने पूछा।
प्राचीन मिस्र वासी बिल्लियों को बहुत मानते थे,बिल्लियां इस लोक और दूसरे लोक दोनो की वाहक हैं।
दुष्ट आत्माएं बिल्लियों से बहुत दूर भागती हैं,इसलिए कभी ऐसी परिस्थिति आई तो यह तुम्हारी जान भी बचा सकती है।
मारिया महीनों इस उहापोह में लगी रही कि ,मुझे इस किताब का रहस्य जानने के लिए प्रयास करना चाहिए या नहीं।क्योंकि काफी किवदंतियां उसने सुन रखी थी , कि जो भी उस पिरामिड को देख कर आया था ,वो एक एक कर मर गए थे,और नाना की मौत भी उसकी मम्मी ने बताया था कि स्वाभाविक नहीं थी।नाना जिस कमरे में मरे थे उसमें रेत ही रेत थी और इतनी रेत एक कमरे में कैसे आ सकती थी।
नानी ,और उसकी मम्मी ने बताया था एक बलिष्ठ व्यक्ति उनके कमरे से निकला था।उसके सर पर बाल नहीं थे , उपर उसने कोई वस्त्र नहीं पहने थे ,बस धुंधला ही देख पाई थी वो,और जब वो नाना जी के कमरे में पहुंची तो वो रेत से ढंके हुए थे सांस रुक चुकी थी।
मारिया ने निश्चय किया ,वो जरूर उस पिरामिड में जाकर इस किताब की चाभी खोज ,इस किताब को पढ़ेगी।
मारिया ने सारी बातें डैनियल को बताया तो डैनियल ने भी उसके इस मिशन में साथ चलने की बात कही ।
दोनों अगले दिन तैयार हुए।
काफी मुश्किलों भरा सफर रहा।वो का पहुंचे ,वहां से पिरामिड जाने के लिए ,कुछ और लोगों को लिया जो वहां के स्थानीय निवासी थे।भाषा और संस्कृति के जानकर लोग।
मारिया ने वो किताब भी ली थी।मारिया और पूरी टीम तूतनखामेन के पिरामिड में पहुंच चुके थे।
वहां बहुत सारी मूर्तियां थीं, ,ममी अपने अपने ताबूत में पड़ी थी।चोरों और आर्किलोजी वालों ने काफी खुदाई और चीजों को तहस नहस किया हुआ था।
उन दोनों की नजर किताब की चाभी खोजने में ज्यादा थी।अचानक एक गोल सी घुमावदार उन्हें नजर आई डैनियल ने लपक कर उठाया।
अब दोनो एक कोने में जाकर उस चाभी को किताब में लगाने लगे ,और वो चाभी सही लगी उस किताब पर ,और किताब खुल गई।
कॉप्टिक भाषा में लिखी यह किताब डैनियल के तो पल्ले पड़ी नहीं ,लेकिन मारिया को नाना को कॉप्टिक भाषा का ज्ञान था ,उन्होंने मारिया को सिखाया था।
मारिया ने एक पृष्ट पलटा ,उसपर शल्य चिकित्सा करते पुजारी का चित्र था।आगे ममी बनाने के क्रम में दिमाग ,आमाशय,लिवर,फेफड़े निकालते हुए चित्र बना था।
एक पृष्ठ पर कुछ मंत्र लिखे थे।जिज्ञासा वस मारिया ,उन मंत्रों को पढ़ने लगी।
अचानक बहुत तेज आंधी चलने लगी ,सभी बुत बने ममी में हलचल शुरू हो गई।
पिरामिड में मौजूद लोग सब घबरा गए।स्थानीय मिस्र वासी चिल्लाने लगे ,भागो सारी ममियां जाग रहीं हैं किसी ने वो शापित किताब का मंत्र पढ़ ,इन सबको जगा दिया।अब कोई नहीं बचेगा।
मारिया और डेनियल किताब के हर पृष्ठ को पलट कर देख रहे थे ।सब भाग रहे थे,रेत गिरने लगी थी,ममी बने सिपाही जाग कर अपने सम्राट के ममी के पास खड़े हो कर उनका अभिवादन करने लगे।
सम्राट अपने ताबूत में उठ बैठा,मारिया की आंखें फटी की फटी रह गईं।क्या 3000 साल से सोई ममी इस तरह जाग सकती है,तो जरूर कहीं इनके सुलाने का भी लिखा होगा।
सिपाहियों ने पूछा _क्या आदेश है सम्राट।
तूतनखामेन ने गुस्से से कहा_किसने हमें जगाया है।
उस दुष्ट पुजारी ने हमारी आत्माओं को दूसरे लोक से बुलाकर ,अपना काम निकालने और दुनिया को नेस्तनाबूद करने के लिए ये किताब लिखी थी।जिसके लिए राज माता नेफ्राटीटी ने उस पुजारी को मरवा दिया था।
लेकिन उस पुजारी ने मरते समय इस किताब को शापित कर दिया था।
अब जिसने भी इस किताब को खोला है ,उसे पकड़ कर लाओ,ये मेरा आदेश है_ तूतनखामेन ने कहा।
सिपाही डैनियल और मारिया की तरफ बढ़े।
मारिया ने बिल्ली हाथ में ले ली, वो सिपाही मारिया को तो कुछ नहीं कर सके तो वो डैनियल को पकड़ कर ले गए।
एक जगह डैनियल को लिटा दिया गया।
उसके हाथ पैर बांध दिए गए।
इधर मारिया ने आखरी पन्ना देखा ,जिसमे लिखा था ,एक किताब जो राजमाता ने इस शापित किताब से जागे ममी को सुलाने के लिए बहुत मेहनत से एक पुजारी से लिखवाई थी,जो कि सम्राट के ताबूत के सिरहाने के पास दबी है।
सम्राट उठ बैठा है ,लेकिन वहां से किताब कैसे प्राप्त करूं ,मारिया का दिमाग काम नहीं कर रहा था,क्योंकि वह अकेली सब ममियों से घिरी थी।
अचानक वह भागी ,और सम्राट के सिरहाने के पास पहुंच बिल्ली को सम्राट के उपर छोड़ दिया।
सम्राट उठकर भागा।देर न करते मारिया ने वहां रखी दूसरी किताब उठा ली।
जल्दी जल्दी उसने किताब खोली,यह सोने की किताब थी , उसमें कोई चाभी नहीं लगती थी।
उसने जल्दी जल्दी पृष्ट खोल मंत्र पढ़ना आरंभ किया।" सो जाओ,तुम अपनी दूसरी दुनिया में लौट जाओ।"
जैसे जैसे मंत्र पढ़ रही थी,उसकी ओर आते डरावने ममी शिथिल होने लगे।
धीरे धीरे मंत्र खत्म होते पूरी स्थिति पूर्ववत होने लगी।
सम्राट और सारी ममियां अपने अपने ताबूत में जाकर गहरी नींद में सो गईं।
मारिया भाग कर डेनियल के पास पहुंची।
उसको बंधन से आजाद किया।उन्होंने शापित किताब को आग के हवाले कर दिया ,ताकि किसी के हाथ वो किताब न लगे।
और जल्द से जल्द उस पिरामिड से निकल गए।
कायरो की सड़कों पर ऐसे पहुंचे ,जैसे कुछ हुआ ही नहीं था।अब किसी भी अनहोनी की आशंका खत्म हो चुकी थी ,उस किताब के जलते ही।
स्वरचित _संगीता, पात्र के नाम और स्थान वास्तविक हैं लेकिन घटना काल्पनिक)

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