अच्छा है किसी न किसी खेल में माहिर होना,
अच्छा है अपने पास कुछ खास हुनर होना।

जिन्दगी में थोड़ी सी पहचान होना, 
अच्छा नही  गुमनाम होना,
पर रौनकों की ख्वाहिश में न मुजाहिर होना।

  खेल जो भी खेलना लग्न के साथ,
न आए वतन की आबरू पर आँच,
न चन्द सिक्कों की लिए काफिर होना।

  न किसी जिन्दगी से खेलना  खेल समझकर,
न जज्बातों का फायदा उठाना न सेल समझकर,
अच्छा नही दिल के मामलों में शातिर होना।

जीना एक अच्छे खिलाड़ी की तरह,
न चुनना रण क्षेत्र अनाड़ी की तरह,
जीत के लिए जरूरी है तेरा हर तरफ से माहिर होना।

किसी की नजरों में जो तेरा दिल हो जाए कैच,
तो प्यार से कर लेना फिक्स उससे मैच,
बड़े शान की है बात रुसवा सनम की खातिर होना।

अंजू दीक्षित,
बदायूँ,उत्तर प्रदेश।