जिंदगी के कई रंग देखे है मैंने 
कभी रंग बिरंगे कभी बेरंग देखे है मैंने 
फिर भी तुम्हे सलाम ऐ जिंदगी 
हर पल तेरे नाम ऐ जिंदगी 
कभी सुनहरा दौर भी जिया है मैंने 
कभी विष का घूट भी पिया है मैंने 
पी चूका हू हर जाम ऐ जिंदगी 
फिर भी तुम्हे सलाम ऐ जिंदगी 
हर पल तेरे नाम ऐ जिंदगी 
कभी दोस्त बनकर पास बुलाया है मुझको 
कभी दुश्मनो से लड़ना सिखाया है मुझको 
अब रहने दो मुझे गुमनाम ऐ जिंदगी 
फिर भी तुझे सलाम ऐ जिंदगी 
हर पल तेरे नाम ऐ जिंदगी 
कभी रहा अपनों का साथ 
कभी रहा एकदम अकेला 
किस्मत ने भी हर बार आँख मी चोली का खेल खेला 
बस चलता रहा सुबह शाम ऐ जिंदगी 
फिर  भी  तुझे दिल से सलाम ऐ जिंदगी 
हर पल तेरे नाम ऐ जिंदगी
धन्यवाद आपका मुकेश "लखनवी "