🌸 बधाई हो बधाई 🌸
है शुभ घड़ी आई
खुशी ऐसी मिली
है आंख भर आई
🌸 बधाई हो बधाई 🌸
कुटुंब में खुशियां छाई
बरसों बाद यह पल
अब हमारे अंगना आई
🌸 बधाई हो बधाई 🌸
दीत्य,लक्ष्मी जो आई
धर बिटिया का रूप
जो मंद-मंद मुस्काई
🌸 बधाई हो बधाई 🌸
लम्हा,खुशियों का है भाई
महेंद्र-मनीषा के जीवन में
प्यारी बिटिया जो आई
🌸 बधाई हो बधाई 🌸
है शुभ घड़ी आई
आनंदित पावन है बेला
हर्षोल्लास कुटुंब में छाई
🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸
(ये पंक्तियां मैने उस लम्हे को याद कर लिखा है जब मेरे जीवन में मेरी प्यारी बिटिया आई😊)
मनीषा भुआर्य ठाकुर(कर्नाटक)

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