ढलती शाम और उसपर ये जान ले रही भीगी मौसम हैं
याद तुम्हारी लेकर साथ आयी हैं पुरवा पवन प्यारा हैं
आज भी लगा यादो के संग तुम्हारी मौजूदगी हैं
मुझ पर ये तुम्हारी चाहत की नशा ही कुछ अलग सा हैं...!!

जब सोचती हूँ उन बीते लम्हो को रात की तन्हाई में
खयालो में भी सब हकीकत सा महसूस होता हैं 
तुम्हे ही देखा करती हूँ उस चमकती चाँद की परछाई में
 मैं क्या करू तुम्हारी प्यार का खुमार चढ़ा ही कुछ ऐसा हैं...!!

ये सोच कर तो तुमने मेरा दिल तोड़ा होगा ना बेखबर
तेरे लिए तपड़पेगी पागल ये लड़की उम्र भर
तड़पना क्या हैं मैं मर भी जाती मैं खुशी से तेरे लिए
मेरी मौत का भी तू कद्र ना करता, बेदर्दी तेरा फ़ितरत जो ऐसा हैं....!!

तेरे जाने का कोई गम नहीं होता हैं अब मुझे
शुक्र गुज़ार हूँ मैं वक़्त का जो आईना दिखा दिया मुझे
दिखावा ही सही तुमने जो मोहब्बत निभाई थीं मुझसे
भुला नहीं पाती हैं दिल तुझे,ओ खुदा मेरा दिल नादान भी कितना हैं...!!

बहुत रो लिया इन आँखों ने तुम्हारी जाने के गम में
अब रोना नहीं हैं घुल कर रहना हैं हमें अपनों के बिच में
जिस मुस्कुराते होठों से हँसी चुरा लेगये थे तुम बेवफा
अब देखना अपनों के साथ होने की खुशी के लहर कैसा हैं.....!!

अभी भी मोहब्बत हैं मेरे दिल में लेकिन तुम्हारे लिए नहीं हैं
तेरा प्यार फरेबी था मेरी मोहब्बत की कोई कसूर नहीं हैं
थाम लिया हैं गैरों का हाथ तो अब कभी मूड कर मत देखना
जी लेगी नैना ज़िन्दगी आपनी प्यार की खूबसूरत यादो के साथ
कमजोर नहीं हैं संभल जाएगी हालात आज जैसा भी हैं....!!