प्रार्थना में जुड़े दोनों हाथ
मन के चक्षु से दिखते भगवान
प्रार्थना निवेदित ऊर्जा
अपने इष्ट से सीधा संवाद
हमारी उपासना हमारा हृदय है
व्यथित मन की साधक है
प्रकृति की गुनगुनाहट
में प्रार्थना
पत्तियों के टपकती बूँदों
में है प्रार्थना
प्रेम सिंधु की सरगम बन
पल्लवित पुष्पित हृदय
की है प्रार्थना
इन्द्रधनुष के सातों रंगों सी प्रार्थना
सूर्य की प्रथम रश्मि भी प्रार्थना
चांँद की छटा में भी प्रार्थना
वसुधा के फैले आँचल सी प्रार्थना
गंगा की स्निग्ध धवलता सी प्रार्थना
सितारों का जुगनुओं सा चमकना
भी प्रार्थना
भींगे मन सजल नेत्र में भी
प्रार्थना
अज्ञान की ग्रंथि का उन्मूलन
स्वशक्ति की अभिव्यक्ति
है प्रार्थना
प्रभु के चरणों की फूल है प्रार्थना
आरती झा(स्वरचित व मौलिक)
दिल्ली
सर्वाधिकार सुरक्षित©®

0 टिप्पणियाँ