पत्नी हर बात पर धमकी देती है
आधे हिस्से लेकर चली जाऊंगी
तलाक की हर वक्त धमकी देती है
हाय कैसी विडंबना है प्रभु
सब युगों मे अबला और असहाय
नारी का चित्रण हुआ है
कुछ हमारी फरियाद भी सुन लो
नारियों ने अधिकार का गलत प्रयोग किया है।...........

संविधान ने नारियों के लिए कानून बना दिए। आज नारियों ने उसका दुरुपयोग किया है।
हम आज की नारी हैं अपने अधिकारों का गलत प्रयोग किया है

पति से हर बात पर लड़ाई करती है
घरेलू हिंसा का आरोप करती है
हम पुरुषों के भी व्यथा समझो सरकार हमें हर बात पर प्रताड़ित करती है।.................

नौकरी में आरक्षण ले लिया
ऑफिस में नारी का होने का एहसास 
दिलाती है। अपने को अबला और असहाय बताती है।...........
घर से बाहर हर जगह महिलाओं से प्रताड़ित हो रहा हर वक्त अपने अधिकारों का एहसास दिलाती है

कुछ पुरुषों की व्यथा भी समझो सरकार आज की नारियां है
अधिकारों का गलत प्रयोग भी किया है।..........

अबला और असहाय का रोना रोया है
हम पुरूषो भी महिलाओं से प्रताड़ित हुए हैं। हमें सही होते हुए भी लोगों ने गलत समझा है।
कैसे समाज में जी रहे हैं हम
पुरुष प्रधान का बस ठेपा लगा है

महिला ने अपने अधिकारों का गलत प्रयोग किया है।.......

हाय कैसी विडंबना है प्रभु
हम पुरुषों के दुखों की व्यथा समझो
हर जगह फटकार दुत्कार मिला है
हम पुरुषों भी नारियों से प्रताड़ित हुए हैं। हमारे दुखों की व्यथा कौन समझेगा।

 सपना कुमारी
 जहानाबाद बिहार