पता नहीं कैसा ये जादू छा गया
आपके मुस्कुराने का, 
हर अंदाज भा गया, 
क्या बताए आपको,
दिल आपकी ओर मुड़ गया
आपका ये सादापन,
ध्यान मेरा ले गया
जब न समझे हमारे इशारों को, 
तो गुस्सा आप पे आ गया, 
आप के भोले पन पे, 
दिल हमारा फिसल गया, 
आपकी हंसी पे, 
सब कुछ निसार हो गया, 
आपकी एक झलक के लिए, 
दिल हमारा तरस गया, 
कब समझोगे प्रेम हमारा , 
खुदा भी हमसे कह गया
पता नहीं कैसा ये जादू छा गयाl