पता नहीं कैसा ये जादू छा गया
आपके मुस्कुराने का,
हर अंदाज भा गया,
क्या बताए आपको,
दिल आपकी ओर मुड़ गया
आपका ये सादापन,
ध्यान मेरा ले गया
जब न समझे हमारे इशारों को,
तो गुस्सा आप पे आ गया,
आप के भोले पन पे,
दिल हमारा फिसल गया,
आपकी हंसी पे,
सब कुछ निसार हो गया,
आपकी एक झलक के लिए,
दिल हमारा तरस गया,
कब समझोगे प्रेम हमारा ,
खुदा भी हमसे कह गया
पता नहीं कैसा ये जादू छा गयाl

0 टिप्पणियाँ