पिछले भाग में आपने पढ़ा कि साँची पूरी बहादुरी के साथ मोहित का इन्तेजार कर रही है तो वहीं दूसरी ओर ,मोहित भी साँची को याद कर रहा है,अब आगे-

अब सरकार ने फैसला कर लिया है कि आतंकवादियों की हर शर्त मानकर मोहित को सुरक्षित वापिस लाना ही है!मीडिया के जरिये ये बात बतादी जाती है कि आतंकवादियों की शर्त मान ली गई है!लेकिन भीतर की बात ये है कि एक टीम ने ये पता कर लिया है कि मोहित को कहाँ छुपाया गया है?अब एक टीम तैयार हुई है,जिसने आज रात ही उस स्थान पर हमला करना है!लेकिन कोई है जो इन सब पर नजर रख रहा है और निकल पड़ा है आतंकवादियों तक ये बात बताने वो भी चंद पैसों के लिए!

साँची पूरी तरह से सतर्क है कि कहीं कोई गड़बड़ न हो क्योंकि वो जानती है इस प्लान के बारे में!हर दिन में वो कई -२ बार मुख्य कार्यालय में जाकर मोहित के बारे में पता करती रहती है इसीलिए अब तो ये बात स्टाफ का हर सदस्य  जान चुका है कि साँची के लिए मोहित क्या अहमियत रखता है!सिर्फ यही वजह है कि साँची से इस योजना के बारे में कुछ नही छुपाया गया है!

अब रात का समय है और साँची का मन बहुत बेचैन है!अब वो उठती है और चल पड़ती है मोहित के मम्मीपापा से मिलने!रास्ते मे वो देखती है कि एक आदमी कम्बल ओढ़ कर जँगल की ओर तेजी से जा रहा है!उसे शक होता है कि हो ना हो ये वही आदमी है जो यहाँ की हर खबर आतंकवादियों को पहुँचाता है!वो हैड ऑफिस फ़ोन करती है और बताती है कि आपके ऑफिस की ओर से ही एक संदिग्ध व्यक्ति जँगल की ओर जा रहा है!अब साँची ने भी ठान लिया है कि वो  पता लगाकर ही रहेगी कि ये व्यक्ति कौन है!वो धीरे-२ उसके पीछे चलने लगती है और चलते -२ घने जँगल में पहुँच जाती है!वहाँ वो आदमी किसी से फ़ोन पर कह रहा है एक जरूरी सूचना देनी है इन लोगों के अगले प्लान के बारे में!अभी वो इतना ही कह पाता है कि पीछे से साँची एक बड़ा पत्थर उठा कर उसके सिर पर मारती है,जिसके लगने से वो बेहोश होकर वहीं गिर जाता है!अब साँची को कुछ भी नही मिलता तो वो हाथ मे ढेर सारी मिट्टी उठा लेती है और धीरे-२ उसकी ओर बढ़ने लगती है!लेकिन जैसे ही वो नजदीक आती है तो वो आदमी साँची की टाँग पकड़ कर खींच देता है,जिससे वो गिर जाती है!अब वो आदमी साँची का गला दबाने लगता है!साँची को एक बार लगने लगता है जैसे अब ये उसकी आखिरी साँसे है!लेकिन फिर उसकी आँखों के सामने मोहित का चेहरा घूमने लगता है!अब वो फिर से हाथों में मिट्टी उठा लेती है और अचानक से उस आदमी की आँखों मे डाल देती है!वो आदमी अब आँखों को मलता हुआ दूर हो जाता है!साँची के पास मौका था वहाँ से भागने का,लेकिन वो अपने मोहित के  बारे में सोचकर वहीं रुक जाती है और अब पूरी बहादुरी के साथ उससे सामना करने की ठान लेती है!अब वो आदमी फिर से साँची की ओर बढ़ता है!

साँची को अँधेरे में कुछ समझ नही आ रहा क्या करे क्योंकि वो अँधेरे में उसका चेहरा भी नही देख पा रही है!अब वो हाथ मे कुछ पत्थर उठाती है और उसको मारने लगती है!वो अब आगे आकर साँची को गर्दन से पकड़ लेता है!साँची अब उसके पेट मे अपना घुटना मारती है,जिससे वो तड़प कर गिरता है!गिरने से उसका सिर एक बड़े पत्थर से टकरा जाता है!अब उसकी चीख निकल जाती है जिससे साँची को उसकी आवाज कुछ जानी-पहचानी लगती है!वो धीरे-२ आगे बढ़ती है और उसके चेहरे से नकाब हटा कर देखती है!जो वो देखती है उसे देखने के बाद वो हद से ज्यादा हैरान हो जाता है क्योंकि वो कोई ओर नही बल्कि खुद साँची के पापा थे!वो अब कहती है पापा आप ???

अब वो भी अपनी बेटी की आवाज पहचान लेते हैं क्योंकि अँधेरे की वजह से वो उसका चेहरा नही देख पाए थे!वो अब कहते हैं साँची तुम?

मैं सोच भी नही सकती थी पापा कि मेरे पापा देश के साथ गद्दारी कर सकते हैं!क्यों किया आपने ऐसा पापा?


साँची रोते हुए पूछती है तो उसके पापा कहते हैं पैसे के लिए!हाँ,ये काम मैं अभी से नही बल्कि सालों से कर रहा हूँ!मैं ही उनका जासूस हूँ और मोहित को अगवा करवाने में मेरा ही हाथ था!अभी वो इतना ही बता पाया था कि जबतक वहाँ आर्मी की एक टुकड़ी आ जाती है और वो उसे गिरफ्तार करके ले आती है!


वहाँ पर साँची के पापा जिनका नाम सोहनलाल है,बहुत से राज बताता है!वो उस ठिकाने के बारे में भी बताता है जहाँ पर मोहित कैद है और ये वही स्थान है जिसका पता इंडियन आर्मी पहले ही लगा चुकी थी!अब वो ये भी पूछते हैं कि वहाँ कितने आतंकवादी हैं और कितने हथियार है!इन सब बातों से  उन्हें मोहित को छुड़वाने में एक बड़ी कामयाबी मिलती है!

मोहित की हालत बहुत खराब है,उसे दिन रात टॉर्चर किया जा रहा है और भूखा भी रखा जा रहा है!अब इंडियन आर्मी की एक टुकड़ी वहाँ पर लड़ाकू विमानों के द्वारा पहुँचती है और अचानक से हमला करके मोहित को बचा लेती है!वहाँ मौजूद सभी आतंकवादियों का अंत होता है!अब मोहित वापिस आ रहा है और उसकी वापसी का मीडिया वाले भी लाइव टेलीकास्ट दिखा रहे हैं!वो आता है और देखता है सामने उसके माँबाप खड़े हैं,वो पहले जाकर उनके पाँव छूता है कि मोहित की माँ कहती है अगर तू आज हमारे बीच मे सही सलामत खड़ा है तो उसकी दो ही वजह है,एक हमारी इंडियन आर्मी और दूसरी तेरी मुहोब्बत तेरी साँची!

मोहित अब कहता है माँ आप कैसे जानते हो साँची को?

अब मोहित को उसकी माँ बताती है,उसे मैं ही नही ये पूरा देश जानता है!उसकी बेपनाह मुहोब्बत,उसकी बहादुरी और  उसके फर्ज के किस्से आज देश के कोने-२ में हो रहे हैं!वो सच में तेरे लिए ही बनी है क्योंकि बिना सिंदूर के भी तुझसे रिश्ता सिर्फ वही निभा सकती थी!अब जा मिल ले अपनी साँची से!

तभी मोहित के पापा पूछते हैं,लेकिन साँची है कहाँ?

मोहित की माँ कहती है मैंने उसे चलने के लिए कहा था,लेकिन वो कह रही थी मोहित खुद मुझे ढूंढता हुआ वहाँ आ जाएगा!

मोहित ये सुनते ही उस जगह पर दौड़ता हुआ जा रहा है जहाँ पर साँची ने मोहित को दाल-बाटी खिलाई थी!उसके जख्मो से खून रिस रहा  है और भूख से शरीर कमजोर हो रहा है!लेकिन मोहित फिर भी बेहताशा दौड़े जा रहा है और समस्त मीडिया उसे लाइव टीवी पर दिखा रही है!

दूसरी ओर,साँची बैठी हुई एक गाना गुनगुना रही है-

पिया बसंती रे काहे सताए आजा❤️❤️❤️❤️❤️

मोहित वहाँ पहुँच कर आवाज देता है साँची!

साँची भी उसकी आवाज सुनते ही उठ कर उसकी ओर दौड़ रही है और दोनों एक-दूसरे के गले लग जाते हैं और अब मीडिया भी वहाँ से हटा दिया जाता है!अब साँची मोहित का हाथ पकड़ कर ले जाती है और एक चट्टान पर बिठाती है,जहाँ पर उसने मोहित के लिए दाल-बाटी परोस रखी है!अब वो उसे अपने हाथों से खिलाती है!दोनों आज एक हो चुके हैं!

कौन कहता है फौजियों के दिल मे जज्बात नही होते,इनका भी दिल होता है जो किसी के लिए धड़कता है!हम सभी की रक्षा के लिए ना जाने कितने ही फौजियों की प्रेम कहानियाँ अधूरी रह जाती है!प्यार तो हम सभी करते हैं लेकिन सच्चा प्यार तो आप एक फौजी से पूछो क्या होता है जो देश से प्रेम की खातिर अपने प्यार को कुर्बान कर देता है!जिनकी पत्नियाँ या प्रेमिकाएं सिर्फ एक ही पँक्ति कहती है-

तेरे इश्क की मैं हकदार नही
  तेरी हीर तो धरती है राँझे

बेशक,कहानी में मोहित और साँची मिल गए लेकिन असलियत में ऐसा बहुत ही कम होता है!मुझे नही लगता कि एक फौजी की प्रेमकहानी से प्यारी कोई भी प्रेमकहानी हो सकती है!फिर भी अगर मुझसे कोई भी त्रुटि हुई हो तो दिल से क्षमा चाहती हूँ!🙏

मेरी इस कहानी को पढ़ने के लिए दिल से आभार💐💐💐💐💐

ॐ नमःशिवाय
🙏🙏🙏🙏🙏