मिल गयीं आजादी देश की
पर अभी भी हर कोई बंदिश में है
है कोई खुशियों की रौशनी में
पर अभी भी कोई कोई गम की दरगिश में है...!!
मिल गयीं आज़ादी देश की
पर अभी भी हर कोई बंदिश में है
है किसी के दिलो में उमंग चाहत के
पर अभी भी कयी दिलो में दर्द पल रही है....!!
मिल गयीं आज़ादी देश की
पर अभी भी हर कोई बंदिश में है
है कोई मजबूर होकर अपनों से कही दूर तो
किसी ने जान बुझकर अपनों से खुद को दूर कर ली है...!!
मिल गयीं आज़ादी देश की
पर अभी भी हर कोई बंदिश में है
है कोई ख़ुश दिल बेपरवाह होकर तो
किसी के लिए मुस्कुराना भी होरही बहुत मुश्किल है....!!
मिल गयीं आज़ादी देश की
पर अभी भी हर कोई बंदिश में है
है कहलाती किसी के दिल के गुड़िया प्यारी
किसी के लिए कहला रही सर की बोझ है....!!
🌷❣️🌷❣️🌷❣️🌷❣️🌷❣️🌷❣️🌷❣️🌷❣️🌷❣️
नैना....✍️✍️

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