रचना - रविश,  रानी को इशारे से सामने से हटने के लिए कह रहा था । लेकिन  रानी ने कोई ध्यान नहीं दिया।      तो रविश चुपचाप मुस्कराते हुए बात करने लगे।  तभी सरोज जी ने आकर रविश को अपने पास बुलाया।  सरोज जी - रविश , यहां आओ बेटा । 
रविश - जी मां । 
सरोज जी - बेटा स्वाति का हाथ अपने हाथ में लो और स्टेज पर जाओ । रविश - जी मां । 
रविश ने सामने देखा तो रानी अभी भी सामने खड़ी थी। रविश रानी  के पास जाकर धीरे से कहा - अगर तुम्हें अपना गिफ्ट चाहिए तो,  मुझे   मेरी बीवी को ले जाने दो । नहीं  तो अपना गिफ्ट भूल जाओ । रानी - पहले मेरा गिफ्ट दो,  फिर भाभी को ले जा सकते हो । आप कल से  मुझे बेवकूफ बना रहे हो भैया   । रविश अपने  कोट से एक चाबी निकाल कर देते हुए - ये रहा तेरा गिफ्ट जो मैंने तेरे लिए  मंगवाई है ।घर के बाहर ही रखी हैं  तेरी फेवरेट कार। 
रानी - थैंक्यू भैया... थैंक्यू सो मच । रानी खुश  होकर रविश के गले लग जाती हैं । स्वाति,  रविश और रानी  की नोकझोंक देखकर मुस्कुरा रही हैं । तभी रविश अपना हाथ स्वाति की ओर बढ़ाता हैं   । जिसे देखकर स्वाति सकुचाते हुए अपना हाथ रविश की हाथ में दे देती हैं । रविश , स्वाति का हाथ थामे स्टेज की ओर बढ़ जाता हैं । स्वाति और रविश सभी मेहमानों से मिल रहे है । रानी  , शिवांश और पीहू सब आस पास ही बैठे हुए थे । अचानक पीहू को कुछ याद आ जाता है । वो अपने  से दूर खड़े प्रशांत को इशारा करती हैं । प्रशांत , पीहू को इशारे में ही पूछता है । क्या हुआ इशारे क्यूँ  कर रही हो।  पीहू अपने सर पर हाथ धरे ( मन ही मन ) - हे भगवान,  कैसा बुद्धू पति दिया है  मुझे  एक बात भी नहीं  समझते।  प्रशांत झुंझलाकर - अब अपने भगवान को याद करती रहोगी , कि कुछ बोलोगी भी।   पीहू चौंकने हुए - यहां आयेंगे तब ना कुछ कहुं , कि वहीं से चिल्लाकर कहुं । रानी बहुत देर से दोनों के नोकझोंक देख रही थी।  वो प्रशांत के पास जाकर बोली।  
रानी - भैया,  भाभी कब से आपको बुला रही हैं । उनके पास जाइये और एक  बार उनकी बात तो सुनिये।  रानी के कहने पर प्रशांत अपनी जगह से उठ कर पीहू के पास  जाता हैं ।जहाँ  पीहू उसे  स्टेज से दूर ले जाकर उसके कान में  कुछ कहती हैं । प्रशांत - तुम एक मिनट रुको, मैं  मां को कह कर आता हूँ ।  ।पीहू - जी 
प्रशांत - सरला जी को  कहकर पीहू के साथ  घर चलें  जाते है । तभी रिसेप्शन में स्वाति के मां पापा और भैया - भाभी आते है । स्वाति के मां - पापा सब से मिलते है  । नमस्ते समधन जी ( सरला जी ) कैसी है आप !  
सरला जी - मैं ठीक हूं , आप कैसी है । स्वाति की मां - हम सब अच्छे हैं । 


क्रमशः