अश्कों  की  बारिश  न  करो !
यादों   का   धुआं   उठने  दो !!

मुद्दतों   से  दबी   चिंगारी  को !
फिर    आकर   हवा   दे   दो !! यादों......

तेरी नशीली  आंखों  का  नशा !
मेरी  आंखों  से  छलकने  दो !!
यादों.......

कुछ  गिले-शिकवे  है  दरमियां !
मौन   को   मौन   से   कहने दो!!
यादों......…

लग  जाओ  गले  गुमशुदा  हूं  मैं!
मेरे  अक्स से मुझे  मिलने   दो !!
यादों.......

पतझर   बीत  रहे  जीवन  के !
फूल  बहार  के   खिलने   दो !!
यादों .…......

स्वरचित : 
पिंकी मिश्रा
भागलपुर बिहार ।