मन मोहिनी मुस्कान अवध बिहारी की।
मोहे नर नारी बाकी चितवन यारी की।।
नयन नशीले काली अलकें मन हारी की।
दिन देखे जिय कल न परत है कृपा अधारी की।।
आशा की आस लगी प्रभु तुमसे तन मन बलिहारी की।
सब सुख छाँडि करौं सेवकाई मिथिलेश दुलारी की।।
स्वरचित मौलिक अप्रकाशित सर्वाधिकार सुरक्षित डॉ आशा श्रीवास्तव जबलपुर

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