आजतक नहीं मिटा पाये हम तेरी यादो को 
नहीं दिल से निकाल पाये सनम तेरी अहसासों को 
कब समझोगी प्यार को मेरी कैसे अहसास दिलाऊ बता 
की तेरे बिना हम कतरा कतरा करके मरते जारहे है  

मेरी दिन का सुकून रातो को करार लेगयी
तुम गयीं तो अपने साथ क्यों न अपनी यादें भी लेगयी
आज भी देख रहा हूँ राहें तुम्हारे लौ आने की ज़िन्दगी में
की तेरे बिना हम कतरा कतरा करके मरते जारहे है 

क्यों गयीं तुम दूर मुझसे एक वजह तो बता देती
क्यों रूठगयी मुझसे कमसेकम वो मेरा खता बता देती
समझा लेता दिल को गर नहीं था प्यार की काबिल तेरा
की तेरे बिना हम कतरा कतरा करके मरते जारहे है 

दिखती है हर जगह आँखों में बस तुम्हारी ही सूरत
आजाओ अब जान मेरी तू है मेरी साँसो की जरुरत
पल पल बितता जारहा है मेरा सदियों सी ज़िन्दगी
क्योकि तेरे बिना हम कतरा कतरा करके मरते जारहे है 

मैं हूँ आवारा दिल पर बस तेरे प्यार का ही मारा हूँ
कसम मेरे साँसो की है सनम 
मेरी मैं अब भी बस तुम्हारा हूँ
कब महसूस करोगी दिलबर मेरी अपने प्रीतम की चाहत को
जो तेरे बिना हम कतरा कतरा करके मरते जारहे है
स्वरचित
✍️✍️✍️✍️प्रीतम वर्मा💘💘💘💘💘💘💘💘💘💘💘💘💘💘💘💘