जागो जागो जगतार
जागो मां अंबिका भवानी
आए भक्त तेरे द्वार ठाणे करते पुकार सुन लो विनती हमारी माता रानीll
लेवो शक्ति अवतार करो दुश्मन संघार अब दुख हरो महारानीl 
जागे नैनों में ज्वाल ढेर दुष्ट तत्काल किरपा करो कल्याणी।।
करते स्तुति तुम्हारी जाते तन मन बलिहारी होओ प्रसन्न महारानी।
दुखी जनता अपार करो सब का बेड़ा पार बरसाओ अमृत सुखदानी।
आशा कह रही पुकार हरो दुख हमार दे दो आशीष वरदानी।।
स्वरचित मौलिक अप्रकाशित सर्वाधिकार सुरक्षित डॉ आशा श्रीवास्तव जबलपुर