हो रहा आगमन,
माता रानी का,
अँगना चौक पुराओ,
वंदनवारे सजाओ,
नन्हें नन्हें पाँवों से,
आ रहीं माँ दुर्गा,
नवरात्रि का आया,
पावन त्यौहार,
शेरों पे सवार,
कुमकुम भरे पाँवो से,
आ रहीं मातारानी,
अपना प्यार लुटाने,
आ रहीं माँ,
जगतजननी,
जयकारा सब,
मिलकर लगाओ,
जयकारा बोलो,
जयकारा...
जयकारा बोलो,
जयकारा...।
काव्य रचना-रजनी कटारे
जबलपुर ( म.प्र.)

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