गुजरात में बहुत गरीब किसान परिवार में जन्में,
हर दर्द से गुजरे,किसान के दर्द को भी बहुत करीब से जाना उन्होंने,
नमन है सरदार जी को इतिहास द्वारा जाना हमने,
सुना है उनके बारे में तभी उन्हें पहचाना हमने,
लौह पुरुष सरदार पटेल कहलाते थे,
अंग्रेजों को भारत से बाहर भगाया,
भारत देश को आजाद करवाया,
आज भी हमें वही लौह पुरुष चाहिए,
जिसने किसानों के लिए लड़ाई लड़ी,
सरदार पटेल भारत को अच्छा उत्पादक बनाना चाहते थे,
कोई भूखा न रहे ऐसा भारत चाहते थे,
वकील वकालत छोड़,देश सेवा में जुट गया,
भारत को एकता की डोर में बांधने  लग गया,
सम्मान दिया एकता की मूर्ति बनाकर,
जिसको नाम दिया स्टैचू ऑफ़ यूनिटी,
तुम देश की हो आन, बान और शान,
तुम्हीं से बनी है देश की पहचान,
सारा देश करता तुम्हें शत शत प्रणाम।



हरप्रीत कौर
दिल्ली