मैने छोड़ दिया जग सारा
मां मुझे तेरा सहारा है
तेरी कृपा है तो मां
अंधेरों में भी उजाला है
तेरे द्वार पर मां जिसने भी
श्रद्धा से शीश झुकाया है
तेरी कृपा से उसने
जीवन को धन्य बनाया है
कोई नहीं है यहां किसी का
बस तेरा ही सहारा है
तेरा दर्शन पाकर मां
हुआ धन्य ये भाग्य हमारा है
मैने छोड़ दिया जग सारा
मां मुझे तेरा सहारा है
इस संसार को तूने मां
बड़े ही नाजों से पाला है
फिर भी लोगों ने तेरे दर को
व्यापार का अड्डा बनाया है
भक्तो की श्रद्धा को यहां
दौलत के तराजू में तौला है
सिर्फ दिखावे को ही यहां
भक्ति के नाम से जोडा है
तेरे पावन दर को भी लोगों ने
दूषित कर डाला है
भेदभाव के कारण तेरी
भक्ति को बांट डाला है
मैंने छोड़ दिया जग सारा
मां मुझे तेरा सहारा है
मैने तो मन मंदिर को ही
मां मंदिर तेरा बनाया है
श्रद्धा की ज्योति से मां
उसमें इक दीप जलाया है
द्वेषभाव को छोड़ के मां
मुस्कान का पुष्प चढ़ाया है
सत्कर्मों को अपनाकर
तेरी कृपा को पाया है
तेरे द्वार पर मां जिसने भी
श्रद्धा से शीश झुकाया है
तेरी कृपा से उसने
जीवन को धन्य बनाया है
मैने छोड़ दिया जग सारा
मां मुझे तेरा सहारा है
तेरी कृपा है तो मां
अंधेरों में भी उजाला है।।
© कविता गौतम...✍️

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