तुम लाख करों कोशिशें 
मुझे भुला ना पाओगें
जेहन में बसी इस कदर 
मेरी यादें मिटा ना पाओगे
रह रह कर याद आएंगी 
तेरी मेरी वो मुलाकातें 
तुझको बड़ा सताएगी 
मोहब्बत भरी वो बातें
वादा किया था जो तुमने 
 मैं साथ तेरा निभाऊंगा 
दुल्हन बना कर तुझको 
डोली में ले जाऊंगा 
जब जब तू हंसेगा 
ख़ुशी में मुसकराऊंगी
कोशिश करेगा छुपाने की 
आसूं बन गालों पर लुढ़क जाऊंगी 
होंगी जब खाली दिल तन्हा रातें 
आऊंगी तुझसे करने ढेरों बाते 
वो कसमे वो तेरे वादे 
क्या कभी भुला पाएगा 
कोशिश कर दूर जाने की 
उतना ही पास मुझे पायेगा
नेहा धामा " विजेता " बागपत , उत्तर प्रदेश