छठ पूजा है आज, मनाते लोग खुशी से।
भर मन में उत्साह , घाट पर जाय सुखी से।
तरह तरह के भोग , टोकरे  भर ले जाते।
जल में  ही श्रद्धालु  , खड़े हो सूर्य मनाते।
अर्ध्य सूर्य को दे, सुहागिनें माँग भरती।
पति की लंबी आयु ,प्रार्थना माँ से करतीं।
पूरे घर में हर्ष, साथ में करते पूजा।
छठ का पावन पर्व, काम न देखें दूजा।
अनुपम  सजता घाट , पटाखे खूब छुड़ाते।
खत्म हुआ व्रत आज,खुशी में घर को आते।

स्नेहलता पाण्डेय 'स्नेह'