संघर्ष जीवन का एक हिस्सा है
इस दुनिया में आने के लिए उस
छोटे से भ्रूण को भी करना पड़ता
है संघर्ष तब मिलती है उसे जीवन
9 महीनों का इंतजार  वो सोचता है
कितना संघर्ष है जिंदगी में ..........।
     फिर संघर्ष के बाद तो सफलता निश्चित है
      फिर आता है एक दिन वो बाहर फिर कुछ
       दिन बड़े अच्छे गुजरते हैं फिर शुरू होता
       है जिंदगी के हर पड़ाव पे एक संघर्ष .........।
संघर्ष भरी जिंदगी को पार कर फिर 
उम्र के उस मोड़ पे आ जाता है  
जहाँ उसे सफलता मिलती है
फिर वो हो जाता है कमजोर और
लाचार ................।
         फिर कुछ दिन जिंदगी और मौत के बीच
          चलता है संघर्ष इस संघर्ष में जिंदगी हार
       जाती है ये भी एक सफलता है क्योंकि फिर
            उस आत्मा को मिलेगी एक नई जिंदगी
               फिर जारी होगा संघर्ष का सफर
             यही है जीवन चक्र...............।



                  ऋचा कर्ण✍✍✍✍