हम भी इंसान हैं,
हमारे सीने में भी दिल धड़कता है!
क्यों हमसे परहेज़ करते हो,
हमें भी दर्द होता है!

माना कि किस्मत के मारे हैं हम,
मुफलिसी में भी ना हारे हैं हम!
जी लेतें हैं जिंदगी किसी तरह मगर ,
इस  बेबस  जिंदगी से हमें भी होता है !

ग़रीबी में पल रहे हैं हम,
रूखी - सूखी खाकर ,गुज़र बसर कर रहे है हम!
हमारा दिल भी लज़ीज़ पकवान को तरसता है ,
 हां ,हमें भी दर्द  होता है !
 
बचपन में ही बड़े हो गए हम ,
 बाप की कमी पूरी कर रहे हैं हम !
 दिल हमारा भी मचलता है ,बेहद तड़पता है,
 सच बताऊं ,हमें भी बहुत दर्द होता है !
 
 छोटे भाई बहनों को किसी तरह बहलाते हैं हम ,
 गर्मी हो या ठंड सड़कों पर बिताते हैं हम  !
 मखमली बिस्तर हो हमारा भी दिल करता है,
 इन अधूरे ख्वाब से हमें भी दर्द होता है  !
 
जाहिल गँवार कहकर दुतकारे जाते हैं हम,
ऐसे उंगलियां उठाई जाती जैसे बहुत गुनहगार हैं हम!
मन हमारा भी पढ़ाई करने को करता है ,
बड़ी मुश्किल से भरता है ,इस बात का हमें भी दर्द होता है !

हमारी मदद करो ,नहीं कहेंगे हम ,
बेदर्दी से मत झिड़को सह ना सकेंगे हम !
हमें भी प्यार अपनापन चाहिए होता है,
आप महसूस तो करो हमें भी दर्द होता है!

हुमा अंसारी