माँ भारती को मिली स्वतंत्रता
ये हमारे देश की शान हे
युगो युगो तक रहे ये शान
ये हर देशवासियो का अरमान हे

ऐनक ओर छड़ी विश्व मे
गांधीजी की सदा रहे अमर
सरदार वल्लभजी का
 रहे अनुशाशन अमर
श्री शुभाष चंद्र बॉस की खुमारी का
नहीं कोई जोड़ इन सभी क्रांतिकारियों का

बहे रक्त जो भी घावों के
लड़ते रहे जो गद्दारों से
इन घावों मे असल मल्हम
अब महोत्सव मनाके लगाना हे

एक एक कतरा लहू का जो टपका
हर कतरे का हिसाब लगाना हे
प्रान्त प्रान्त, नात जात को मिलाके
जस्न मे शामिल होकर
सारे जख्म को रिज़ाना हे

बढ़ती रही कामियाबी
बरसो बरस शिखर सर करती रही
संचालन मे नये उत्कर्षो से
देश मे थोड़ी सी खलबली मचती रही

पर दुरनदेशी मोदीजी का
ज्ञान बहोत विशाल हे
लाया हे देश को अग्रस्थान पर
बहोत संघर्ष को जेला हे

व्यापारी सूजबूझ को गति देकर
देश को विश्व मे स्थान दिलाया हे
जहां भी जाओ विश्व मे
भारत का रुतबा बढ़ाया हे

चलो मनाते हे जस्न
शूरवीरो को याद कर कर
हर उस माँ को प्रणाम कर कर
जिन्होंने अपने सपूत को गावाया हे

आजादी का अमृत महोत्सव कब शुरू हुआ 
इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस की 75वीं वर्षगांठ को भारत सरकार ’आजादी का अमृत महोत्सव’ के तौर पर मना रही है। 15 अगस्त 1947 को भारत, ब्रिटिश शासन से स्वतंत्र हुआ था। आजादी के 75 साल का ये जश्न 12 मार्च 2021 से शुरू हो चुका है जो 75 सप्ताह तक चलेगा। 15 अगस्त 2023, 78वें स्वतंत्रता दिवस पर अमृत महोत्सव का समापन होगा।
अल्पा महेता
एक एहसास