सुनो ना आज एक बात करती हूँ तुमसे
आज अपने इश्क का इजहार करती हूँ तुमसे
जीत ही लिया आज तुमने मुझे प्यार से
हार अपनी तेरे इश्क़ में स्वीकार करती हूँ
चाहे होती थी बातें या फिर होती थीं मुलाकातें
नही किया था माफ़ हमने कभी तेरी गलती को
आज मैं सभी के सामने ये स्वीकार करती हूँ
तेरे इश्क़ में तेरी हर गलती को अब माफ़ करती हूँ
कदम जो बढ़ा लिए वो पीछे नही करेंगे
दूर हूँ चाहे लेकिन साथ तेरे ही जिएँगे
आज अपनी हर तड़प का इकरार करती हूँ
तेरे इश्क़ में हर वादा चलो मैं आज करती हूँ
बहुत सी बातें थीं मन में और बहुत से थे सवाल भी
दिया तुमने हर सवाल का जवाब और मेरा रखा ख्याल भी
आज मैं भी दिल का तेरे ख्याल रखती हूँ
तेरे इश्क़ में आज खुद को निसार करती हूँ।
जानती हूँ ये भी नही किस्मत में साथ तेरा
ये भी मानती हूँ मैं नही किस्मत में पाना तुझे
मैं तुझे तेरी मुहोब्बत के सँग ही स्वीकार करती हूँ
तेरे इश्क़ में खुद को हर बार मैं बर्बाद करती हूँ
❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️

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