प्रेम पवित्र होता है
मन ने सुकून पैदा करता है
सांसो की सरगम है होता है
कभी राधा जी के पायल के घुंघरू
बन जाता और कभी श्याम जी
मुरली बन बजता
प्रेम मुंह मुश्कान बिखेर देता है
प्रेम जब हो जाता मन मन्द मन्द
मुस्काता ओर जीवन बहुत ही
सुंदर लगता जब मनभावन मिल जाता साजन
प्रीत बढ़ ही जाती है प्रेम हो जाता
दो दिलो की बात होती दिल से दिल के जज्बात बया हो जाते
प्रेम में दो अजनबी भी प्रेम की
मीठी मीठी बातो में खो जाते है जो दो अजनबी थे पहले अनजान
थे जब प्रेम हो जाता दो अजनबी जीवनसाथी हो जाते
प्रेम ऐसा ही है होता प्रेम पवित्र होता है

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