बहुत सुकून मिला हैं ज़िन्दगी को मेरी
भूल कर ऊन बुरे लम्हो की ख्याल
राहत की साँस ले रही हैं अब मेरी ज़िन्दगी
अपनों से भरी ये नई दुनिया जो मुझे फिरसे मिल गयीं...!!
खुल गयीं हैं जैसे मेरे लिए खुशियों की राहें
लगता हैं बुला रही हैं मंज़िल मुझे फैलाये हुए बाहे
देखना नहीं हैं मुझे अब मूड कर पीछे कभी
अपनों से भरी ये नई दुनिया जो मुझे फिरसे मिल गयीं...!!
चहक उठी हैं दिल पंछी बन उस आसमान में
कोई दर्द नहीं छुपाना हैं अब कोई मुस्कान के आढ़ में
खुल कर हँसना हैं होठों को नयी बहाने मिल गयीं
अपनों से भरी ये नई दुनिया जो मुझे फिरसे मिल गयीं...!!
बहुत हुआ शिकायत खुदा से खुद से भी बहुत गिला किया
कुछ नहीं मिला फरेबी जहाँ में सिर्फ तकलीफो के सिवा
मिला हैं साथ जबसे अपनो की जीना मैं सिख गयीं
अपनों से भरी ये नई दुनिया जो मुझे फिरसे मिल गयीं...!!
आँखों मे अब नमी नहीं सपनो की उड़ान नये नये हैं
जुड़ने लगी हैं अल्फाज़ नयी लिखने की अंदाज़ नये नये हैं
लिखूगी अफसाने प्यार के जो हर दिल को सुकून दे
जीसकी तलाश थीं नैना इस जहाँ में वो मुझे मुस्कान मिल गयीं
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नैना...✍️✍️💓

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